:
Breaking News

Bihar Weather: बिहार में बारिश और बाढ़ का डबल अटैक, कई जिलों में अलर्ट; गंगा समेत प्रमुख नदियां उफान पर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Bihar Weather: बिहार में बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि गंगा समेत प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

पटना, 3 सितंबर। Alam Ki Khabar। बिहार में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है और कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। दूसरी ओर गंगा, सोन, गंडक, कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से नदी किनारे तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग ने बिहार में 3 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की संभावना जताई है। 4 सितंबर को भी राज्य में भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।

उत्तर-पूर्वी बिहार में भारी बारिश का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्वी बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।

इसके अलावा पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, औरंगाबाद, गया, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, जमुई और बांका समेत कई जिलों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों, कमजोर संरचनाओं और बिजली के खंभों के आसपास रहने से लोगों को बचने की सलाह दी गई है।

पटना में बादल छाए रहने के आसार

राजधानी पटना में भी मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। IMD के पटना एयरपोर्ट पूर्वानुमान में 3 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। 4 और 5 सितंबर को भी एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है।

बारिश के बावजूद उमस पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद नहीं है। वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का एहसास हो सकता है।

गंगा का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता

लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी का असर बिहार की नदियों पर दिखाई दे रहा है। गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। सरकारी जल संसाधन विभाग के उपलब्ध आंकड़ों में भी बक्सर, पटना और भागलपुर समेत गंगा के कई माप केंद्रों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बक्सर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, जिसके कारण नदी के आसपास रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ी हुई है। वहीं पटना के गांधी घाट क्षेत्र में भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।

बक्सर से भागलपुर तक बढ़ी मुश्किल

गंगा के किनारे बसे इलाकों में बढ़ते पानी का असर जनजीवन पर पड़ रहा है। कई जगहों पर निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है। दियारा क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।

बक्सर में नदी के बढ़ते पानी के कारण निचले इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर भागलपुर क्षेत्र में गंगा और कोसी की धाराओं ने ग्रामीण इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। भागलपुर के मदरौनी गांव में कोसी के पानी से करीब 1500 घरों के प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है। ग्रामीणों को घरों की छतों और सुरक्षित ऊंचे स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है।

भागलपुर में गंगा कटाव की स्थिति भी चिंता का कारण बनी हुई है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार करीब 100 साल पुराना मंदिर गंगा में समा गया, जिससे इलाके में भय का माहौल है।

सोन नदी में बढ़ा दबाव

रोहतास के इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। सोन नदी के आसपास बसे क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को जलस्तर पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

नदी का पानी तेजी से बढ़ने की स्थिति में खेतों, ग्रामीण रास्तों और निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसे में नदी के किनारे जाने या तेज बहाव वाले पानी को पार करने से बचना जरूरी है।

गंडक में बढ़ा पानी, कटाव से भी खतरा

पश्चिमी चंपारण के इलाकों में गंडक नदी के बढ़ते पानी के साथ कटाव की समस्या भी सामने आई है। नदी की तेज धारा कई जगहों पर किनारों को नुकसान पहुंचा रही है।

गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ी है। प्रशासन की ओर से जलस्तर की निगरानी की जा रही है।

सासाराम से जहानाबाद तक जलजमाव

लगातार बारिश का असर शहरों और गांवों दोनों जगह दिखाई दे रहा है। सासाराम के कादिरगंज इलाके में जलजमाव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों के आसपास पानी जमा होने से रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हैं।

जहानाबाद में दरधा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि से जाफरगंज पुल के ऊपर पानी बहने की स्थिति बनी। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।

बक्सर में भी कर्मनाशा नदी का पानी ग्रामीण रास्तों तक पहुंच गया है। कई जगहों पर सड़क के ऊपर पानी होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

बिहार में अभी भी बारिश की कमी

बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति के बावजूद पूरे मानसून सीजन के आंकड़े एक अलग तस्वीर दिखाते हैं। राज्य में अब तक सामान्य बारिश की तुलना में कुल वर्षा कम रही है। इसका मतलब यह है कि कुछ दिनों की तेज बारिश से जहां स्थानीय स्तर पर जलजमाव और बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है, वहीं पूरे मौसम की औसत वर्षा अभी भी सामान्य से नीचे है।

यही वजह है कि मौसम का यह दौर बिहार के लिए दोहरी चुनौती लेकर आया है। एक तरफ कम वर्षा के कारण कृषि और जलस्रोतों पर दबाव है, तो दूसरी तरफ कम समय में ज्यादा बारिश होने से शहरी जलजमाव और नदी बाढ़ का खतरा पैदा हो रहा है।

तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं

बारिश के बावजूद बिहार में तापमान में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान अगले कुछ दिनों में कई स्थानों पर 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। अधिक नमी के कारण तापमान वास्तविक से ज्यादा गर्म महसूस हो सकता है।

मौसम विभाग के पटना पूर्वानुमान में भी 3 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और इसके बाद 33 डिग्री के आसपास रहने की संभावना बताई गई है।

निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को देखते हुए नदी किनारे, दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी रहता है, इसलिए खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है।

नदियों में बढ़ते पानी के बीच नाव या छोटे जलयान से अनावश्यक यात्रा करना भी जोखिम भरा हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को नदी और तेज बहाव वाले पानी से दूर रखना जरूरी है।

बिहार में फिलहाल मौसम का मिजाज पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। 3 और 4 सितंबर को बारिश की चेतावनी बनी हुई है। ऐसे में अगले 48 घंटे राज्य के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। खासकर उन इलाकों में जहां पहले से नदी का पानी बढ़ा हुआ है, वहां बारिश का एक और दौर स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

यह भी पढ़ें

बिहार में नदियों का बढ़ा जलस्तर, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा

मानसून की बारिश से बिहार के कई जिलों में जलजमाव, प्रशासन अलर्ट

मौसम के बीच सबसे बड़ी चिंता नदी किनारे के इलाकों की

बिहार में मौजूदा स्थिति को केवल बारिश के आंकड़ों से समझना पर्याप्त नहीं होगा। असली चुनौती उन इलाकों में है जहां नदी का जलस्तर पहले से बढ़ा हुआ है। कुछ घंटों की तेज बारिश शहरी इलाकों में जलजमाव पैदा कर सकती है, जबकि नदी के आसपास यही पानी बाढ़ का दबाव बढ़ा सकता है।

गंगा के साथ-साथ सोन, गंडक और कोसी जैसी नदियों में पानी बढ़ने से प्रशासन के सामने राहत और बचाव की तैयारी बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे समय में स्थानीय स्तर पर समय पर सूचना पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण है।

पटना में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत नियंत्रित रहने का पूर्वानुमान है, लेकिन बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसलिए राजधानी समेत पूरे बिहार में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *